18 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है, जिसे लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस पर मारपीट और जबरन धरने से हटाने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए अभिजीत दीपके ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, उन्हें सड़कों पर घसीटा और पीटा।
सोनम वांगचुक को जबरन हटाने का आरोप20 दिनों से अनशन: जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे मशहूर सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से जबरन हटा दिया।घसीटने और दुर्व्यवहार का दावा: अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि करीब 60 वर्ष की आयु के बुजुर्ग वांगचुक को पुलिस ने गालियां दीं और जबरन घसीटते हुए अपने साथ ले गई।
- अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया गया मारपीट का दावा:
दीपके ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस बात की भनक लगी और वे जंतर-मंतर की ओर आ रहे थे, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया, उनके साथ मारपीट की और फिर हिरासत में ले लिया।वीडियो वायरल: इस घटना से जुड़ी एक वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है, जिसमें अभिजीत एक पुलिसकर्मी के पास गिरते हुए दिख रहे हैं और कह रहे हैं, “आप मुझे मार क्यों रहे हो? मैं नीचे बैठ रहा हूँ।” हालाँकि, पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
- आंदोलन की पृष्ठभूमि (CJP Protest)शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग:
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले छात्र और कार्यकर्ता देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जून महीने से लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
- अधिकारों के हनन की शिकायत:
इससे पहले भी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आंदोलन स्थल की बुनियादी सुविधाएं (जैसे पानी की आपूर्ति और शौचालय की सफाई) रोकने तथा बिना अनुमति महिला प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें/वीडियो बनाने के आरोप लगाए थे।इस पूरे घटनाक्रम और पुलिसिया कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। फिलहाल दिल्ली पुलिस की ओर से इस पूरे एक्शन और मारपीट के आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान आना बाकी है।
- अधिकारों के हनन की शिकायत:
इससे पहले भी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आंदोलन स्थल की बुनियादी सुविधाएं (जैसे पानी की आपूर्ति और शौचालय की सफाई) रोकने तथा बिना अनुमति महिला प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें/वीडियो बनाने के आरोप लगाए थे।इस पूरे घटनाक्रम और पुलिसिया कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। फिलहाल दिल्ली पुलिस की ओर से इस पूरे एक्शन और मारपीट के आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान आना बाकी है।

