जंतर मंतर पर छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव
नई दिल्ली, 20 जुलाई 2026। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर सोमवार को हजारों छात्र, युवा और विभिन्न संगठनों के समर्थक एकत्र हुए। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित इस प्रदर्शन ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा पेपर लीक मामलों में जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च कर रहे थे।
- जंतर मंतर पर छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव
- बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने किया बल प्रयोग
- जंतर मंतर पर पूरी रात जुटे रहे प्रदर्शनकारी
- क्या हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें?
- सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की शुरुआत
- विपक्ष ने सरकार को घेरा
- दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
- आंदोलन का बढ़ता प्रभाव
- आगे क्या?
दिल्ली पुलिस ने संसद क्षेत्र में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर मंतर से आगे बढ़े, जिसके बाद कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने किया बल प्रयोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर पुलिस बैरिकेड पार करने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। कई प्रदर्शनकारी घायल हुए जबकि कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका मार्च शांतिपूर्ण था और वे केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते थे। वहीं पुलिस का कहना है कि संसद क्षेत्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और बिना अनुमति किसी भी जुलूस को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
जंतर मंतर पर पूरी रात जुटे रहे प्रदर्शनकारी
रविवार रात से ही देश के कई राज्यों से आए छात्र और युवा जंतर मंतर पर जुटने लगे थे। कई लोग अपने साथ पानी, भोजन और आवश्यक सामान लेकर पहुंचे ताकि लंबा प्रदर्शन जारी रखा जा सके। सुबह होते-होते प्रदर्शन स्थल पर हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे इलाके में नारेबाजी शुरू हो गई।
प्रदर्शन में छात्रों के अलावा अभिभावक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कई प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे थे।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख हैं—
- परीक्षा पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच।
- शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार।
- जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई।
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।
- परीक्षा से प्रभावित छात्रों के लिए न्याय और पारदर्शी व्यवस्था।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की शुरुआत
दिनभर चले प्रदर्शन के बीच सरकार की ओर से बातचीत के संकेत भी मिले। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने आंदोलन के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। हालांकि खबर लिखे जाने तक सरकार की ओर से किसी औपचारिक निर्णय की घोषणा नहीं की गई थी।
आंदोलन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सरकार गंभीरता से बातचीत करती है तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
प्रदर्शन के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले युवाओं पर बल प्रयोग उचित नहीं है। वहीं सरकार समर्थकों का कहना है कि संसद क्षेत्र की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या तैनात की गई। संसद मार्ग, शास्त्री भवन और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई। कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा तथा कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी अवश्य लें।
आंदोलन का बढ़ता प्रभाव
विश्लेषकों का मानना है कि यह आंदोलन केवल परीक्षा पेपर लीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं के रोजगार, शिक्षा और जवाबदेही जैसे व्यापक मुद्दों को भी सामने ला रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस प्रदर्शन को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिली और कई राज्यों में समर्थन प्रदर्शन आयोजित किए गए।
आगे क्या?
सरकार और आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जा सकती है। फिलहाल दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और संसद सत्र के दौरान हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

