भारत में इन दिनों “सोना मत खरीदो” बयान को लेकर बड़ी चर्चा चल रही है। खबरों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि आने वाले एक साल तक लोग जरूरत न होने पर सोने की खरीदारी कम करें। यह अपील ऐसे समय में सामने आई है जब देश पर बढ़ती तेल कीमतों, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव और कमजोर होते रुपये को लेकर चिंता बढ़ रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इम्पोर्ट करने वाले देशों में शामिल है। हर साल देश में भारी मात्रा में सोना विदेशों से खरीदा जाता है, जिससे अरबों डॉलर बाहर जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब गोल्ड इम्पोर्ट बहुत ज्यादा बढ़ता है तो इसका असर देश की अर्थव्यवस्था और रुपये की कीमत पर पड़ता है।
क्यों कही गई यह बात?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसके साथ ही वैश्विक तनाव और युद्ध जैसे हालातों के कारण भारत का आयात बिल भी बढ़ गया है। सरकार का मानना है कि अगर लोग कुछ समय तक सोने की खरीद कम करें तो विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सकता है।
हालांकि सरकार की तरफ से यह साफ किया गया है कि सोना खरीदने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। यह सिर्फ एक आर्थिक सलाह या अपील के रूप में देखा जा रहा है।
बाजार पर पड़ा असर
इस खबर के सामने आने के बाद शेयर बाजार में ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। कई बड़ी ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में 6% से 9% तक की कमजोरी दर्ज की गई। निवेशकों को डर है कि आने वाले समय में सरकार गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है या सोने पर नए नियम लागू कर सकती है।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत रखने के लिए उठाया गया है। कुछ सलाहकारों ने लोगों को फिजिकल गोल्ड की जगह गोल्ड ETF जैसे विकल्पों पर ध्यान देने की सलाह दी है। उनका मानना है कि इससे निवेश भी सुरक्षित रहेगा और गोल्ड इम्पोर्ट पर दबाव भी कम होगा।
विपक्ष ने साधा निशाना
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती तो लोगों से सोना न खरीदने की अपील नहीं करनी पड़ती। वहीं सरकार समर्थकों का कहना है कि यह देशहित में लिया गया एक जिम्मेदार कदम है।
क्या लोगों को चिंता करनी चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। फिलहाल सोना खरीदने पर कोई रोक नहीं है और बाजार सामान्य रूप से काम कर रहा है। लेकिन आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है

